अदालत के फैसले के बाद ही राम मंदिर पर अध्यादेश के बारे में होगा विचार: मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा है कि अदालत का फैसला आने के बाद ही अयोध्या में राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने के बारे में विचार किया जाएगा। मोदी ने कहा कि तीन तलाक पर भी सरकार अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही लाई थी। मोदी ने कहा कि कांग्रेस के वकील जानबूझकर खलल पैदा कर रहे हैं और इस वजह से अदालती कार्यवाही धीमी पड़ गई है। मोदी ने कहा, “इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि जो लोग 70 साल सत्ता में रहे, उन्होंने अयोध्या मुद्दे का हल निकालने के रास्ते में खलल पैदा करने की पूरी कोशिशें कीं। मैं कांग्रेस से अनुरोध करता हूं कि देश में शांति और एकता के लिए उन्हें अपने वकीलों को अयोध्या विवाद पर खलल पैदा करने से रोकना चाहिए।” गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर 4 जनवरी को सुनवाई करेगा।

सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर मोदी ने कहा, “जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्जिकल स्ट्राइक की तारीख दो बार बदली गई थी… मेरे और सेना के भीतर एक गुस्सा पनप रहा था। मैंने जवानों को भेजे संदेश में कहा था कि मिशन की कामयाबी या नाकामी के बारे में मत सोचना। किसी भी प्रलोभन में मत आना और इसे जारी मत रखना। सुबह होने से पहले हर हाल में वापस आना।” प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें राजनीतिक खतरे की परवाह नहीं थी और उनकी सबसे बड़ी चिंता जवानों की सुरक्षा थी। उन्होंने यह भी बताया कि सुबह करीब एक घंटे के लिए सूचनाएं मिलनी बंद हो गई थीं और यह समय अत्यंत कठिन था।

नोटबंदी को झटका मानने से इनकार करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने सालभर पहले ही लोगों को चेतावनी दे दी थी कि अगर आपने अपने पास काला धन रखा हुआ है तो उसे जुर्माना सहित जमा कर दें। लेकिन लोगों को लगा कि यह सरकार भी पुरानी सरकारों की तरह ही कुछ नहीं करेगी और बहुत कम लोग काला धन के साथ सामने आए थे। इसलिए मजबूरी में नोटबंदी का कदम उठाना पड़ा।

 

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