लोकसभा के 11 दिसंबर से प्रारंभ हुए शीतकालीन सत्र को मंगलवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण देने संबंधी संविधान संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया गया। वहीं, राज्यसभा की बैठक बुधवार तक के लिए बढ़ा दी गई है और अंतिम दिन उच्च सदन में संविधान (124वां संशोधन) विधेयक पर चर्चा और इसके पारित होने की संभावना है।

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण देने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए लोकसभा की बैठक मंगलवार देर रात तक चली और इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इससे पहले महाजन ने अपने पारंपरिक संबोधन में कहा कि सत्र के दौरान लोकसभा की 17 बैठकें हुईं और 46 घंटे काम हुआ। इस दौरान 2018-19 की अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच को सदन की मंजूरी दी गई।

महाजन ने कहा कि सत्र के दौरान 12 सरकारी विधेयक पुनस्थापित किये गये और अनेक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। सदन में पेश महत्वपूर्ण विधेयकों में ट्रांसजेंडर अधिकार संबंधी विधेयक, सरोगेसी संबंधी विधेयक, ऑटिज्म से प्रभावित लोगों से जुड़ा विधेयक, मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक, आईएमसी संशोधन विधेयक, नागरिकता संशोधन विधेयक और संविधान (124वां संशोधन) विधेयक शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध विधेयकों में 82.35% विधेयक पारित हुए। सदन में स्थाई समितियों के 42 प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए गए। सत्र के दौरान राफेल सौदे के मुद्दे पर नियम 193 के तहत आठ घंटे 21 मिनट की चर्चा हुई और इस पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया।

शीतकालीन सत्र के दौरान राफेल सौदे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने, कावेरी पर प्रस्तावित बांध, आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग, उत्तर प्रदेश में खनन मामले की जांच सहित विभिन्न मुद्दों पर अलग अलग दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। वहीं, सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही में बाधा डालने पर सख्त कदम उठाते हुए स्पीकर ने अन्नाद्रमुक और टीडीपी के सदस्यों समेत 49 सदस्यों को निलंबित भी किया।

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